द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) - World War 2

द्वितीय विश्व युद्ध ने पूरी दुनिया का इतिहास बदलकर रख दिया था। इस युद्ध में करोड़ों लोगों की जान चली गई, कई देशों की सीमाएं तक बदल गई और आधुनिक विश्व व्यवस्था की नींव रखी। आज भी यह युद्ध मानव इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण और सबसे अधिक अध्ययन की जाने वाली घटनाओं में से एक माना जाता है।

द्वितीय विश्व युद्ध कब और किसके बीच हुआ था?

द्वितीय विश्व युद्ध (World War 2) मानव इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे विनाशकारी युद्ध था। यह युद्ध 1 सितंबर 1939 से 2 सितंबर 1945 तक चला था। द्वितीय विश्व युद्ध (World War) ने पूरी दुनिया का इतिहास बदलकर रख दिया था। इसमें दुनिया के लगभग 70 देशों ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग लिया था। इस युद्ध ने करोड़ों लोगों की जान ली और विश्व की राजनीति, अर्थव्यवस्था तथा विज्ञान को पूरी तरह बदल कर दिया।

विषय जानकारी
अवधि 1939 – 1945
कुल समय लगभग 6 वर्ष
प्रमुख पक्ष मित्र राष्ट्र और धुरी राष्ट्र
शुरुआत 1 सितंबर 1939
समाप्ति 2 सितंबर 1945
अनुमानित मौतें 7 से 8.5 करोड़

युद्ध की शुरुआत कैसे हुई?

1 सितंबर सन.1939 को जर्मनी ने पोलैंड पर हमला कर दिया। इसके बाद ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी और इसी कारण द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत हुई थी।

द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945), World War 2, World War

द्वितीय विश्व युद्ध क्यों हुआ था और मुख्य कारण?

द्वितीय विश्व युद्ध अचानक से नहीं हुआ था। इसके पीछे कई राजनीतिक, आर्थिक और सैन्य कारण थे, जो वर्षों से विकसित हो रहे थे साथ ही प्रथम विश्व युद्ध का परिणाम भी द्वितीय विश्व युद्ध का कारण बना था। इस युद्ध के और भी मुख्य कारण थे, जैसे -

वर्साय की संधि

प्रथम विश्व युद्ध (World War 1) के बाद सन.1919 में जर्मनी पर वर्साय की संधि (कठोर शर्तें) लगाई गईं। जिसमें जर्मनी पर भारी जुर्माना लगाया गया, उसकी सेना को सीमित कर दिया, कई क्षेत्रों को उससे छीन लिया गया। इन शर्तों के कारण वहां असंतोष बढ़ गया और बदले की भावना पैदा हो गई।

हिटलर का उदय

सन.1933 में एडोल्फ हिटलर जर्मनी का चांसलर बना था। एडोल्फ हिटलर ने जर्मनी को फिर से शक्तिशाली बनाने और खोये हुए क्षेत्रों को वापस पाने का वादा किया और वर्साय संधि को अस्वीकार कर दिया। सेना जर्मनी ने और हथियारों का तेजी से विस्तार किया। हिटलर की आक्रामक नीतियां ही इस दूसरे युद्ध का बड़ा कारण बन गई थीं।

विस्तारवादी नीति

हिटलर अपने कई खोये हुए क्षेत्रों पर अपना कब्जा, साथ ही इटली और जापान अपने क्षेत्रों का विस्तार करना चाहते थे। हिटलर ने ऑस्ट्रिया का विलय (1938), चेकोस्लोवाकिया पर कब्जा, पोलैंड पर आक्रमण (1939) कर अपने कब्जे में कर लिया। पोलैंड पर हमला करना युद्ध की तत्काल शुरुआत का कारण बन गया।

राष्ट्र संघ की विफलता (League of Nations)

प्रथम विश्व युद्ध के बाद शांति बनाए रखने के लिए राष्ट्र संघ बनाया गया था। राष्ट्र संघ जर्मनी, इटली और जापान के आक्रमण के बढ़ते तनाव को रोकने में सफल नहीं पाया। इन देशों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।

आर्थिक मंदी

सन.1929 की वैश्विक आर्थिक मंदी के कारण कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो गई थी जिसमें बेरोजगारी बढ़ने लगी, लोगों में असंतोष फैलने लगा और साथ ही कट्टर राष्ट्रवादी नेताओं को समर्थन मिलने लगा।

धुरी राष्ट्रों (Axis Powers) का गठन

जर्मनी, इटली और जापान इन तीनो ने मिलकर एक शक्तिशाली गठबंधन बनाया। इन देशों का लक्ष्य अपने-अपने क्षेत्रों का विस्तार करना था।

द्वितीय विश्व युद्ध में कितने देश शामिल थे?

द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) में मुख्य रूप से दो बड़े विरोधी गुटों - "मित्र राष्ट्र (Allied Powers)" और "धुरी राष्ट्र (Axis Powers)" के बीच हुआ था। इस द्वितीय विश्व युद्ध में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 70 से अधिक देश शामिल थे।

मित्र राष्ट्र (Allies)

  • अमेरिका
  • ब्रिटेन
  • सोवियत संघ (USSR)
  • फ्रांस
  • चीन

धुरी राष्ट्र (Axis Powers)

  • जर्मनी
  • इटली
  • जापान

द्वितीय विश्व युद्ध की प्रमुख घटनाएं

पोलैंड पर आक्रमण (1939) - 1 सितंबर सन.1939 में जर्मनी ने पोलैंड पर हमला किया, जिससे द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत हुई। इसके जवाब में ब्रिटेन और फ्रांस ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध में शामिल हो गये।

पर्ल हार्बर हमला (1941) - 7 दिसंबर सन.1941 में जापान ने अमेरिका के पर्ल हार्बर नौसेना बेस पर अचानक हमला कर दिया, जिसके बाद अमेरिका युद्ध में शामिल हो गया।

स्टालिनग्राद का युद्ध (1942-43) - प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका ने जापान की नौसेना को हरा दिया था, उसके बाद सोवियत संघ ने जर्मन सेना कोस्टालिनग्राद युद्ध में हरा दिया था। यह युद्ध जर्मनी की हार की शुरुआत माना जाता है। इटली ने भी मित्र राष्ट्रों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।

डी-डे (1944) - मित्र राष्ट्रों की सेना ने फ्रांस के नॉरमैंडी तट पर हमला कर पश्चिमी यूरोप को जर्मन के कब्जे से मुक्त करवा दिया।

हिटलर की मौत (1945) - अप्रैल सन.1945 में हिटलर ने आत्महत्या करली और बेनिटो मुसोलिनी मारे गए। मई सन.1945 जर्मनी ने बिना शर्त आत्मसमर्पण कर दिया, जिसे यूरोप में विजय दिवस (V-E Day) कहा जाता है।

हिरोशिमा और नागासाकी (1945) - अमेरिका ने जापान के दो शहर हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए, जिसके बाद जापान ने आत्मसमर्पण कर दिया। जिसके साथ आधिकारिक तौर पर द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हो गया।

द्वितीय विश्व युद्ध के परिणाम

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद विश्व शांति बनाए रखने के लिए सन.1945 में संयुक्त राष्ट्र (UN) की स्थापना की गई। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसी पुरानी यूरोपीय शक्तियाँ कमजोर पड़ गईं। युद्ध के बाद जर्मनी को पूर्वी जर्मनी और पश्चिमी जर्मनी, दो भागों में विभाजित कर दिया गया। इस दौरान अमेरिका और सोवियत संघ (USSR) के बीच तनाव बढ़ने लगा। परिणामस्वरूप, अमेरिका और सोवियत संघ विश्व की दो प्रमुख महाशक्तियों के रूप में उभरे, जिससे आगे चलकर शीत युद्ध (Cold War) की शुरुआत हुई।

द्वितीय विश्व युद्ध में भारत भी शामिल था?

द्वितीय विश्व युद्ध के समय भारत "ब्रिटिश शासन" के अधीन था और लगभग 25 लाख भारतीय सैनिकों ने ब्रिटिश सेना की ओर से युद्ध लड़ा।

द्वितीय विश्व युद्ध प्रश्न उत्तर (FAQs)

1) द्वितीय विश्व युद्ध सबसे घातक युद्ध क्यों था?:::इसमें 7 से 8.5 करोड़ लोगों की मृत्यु हुई थी। 2) क्या पहली बार परमाणु बम इसी युद्ध में इस्तेमाल हुआ था?:::हाँ, 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर। 3) द्वितीय विश्व युद्ध में कितने देश शामिल थे?:::लगभग 70 देश। 4) युद्ध के बाद कौन-सा संगठन बना?:::संयुक्त राष्ट्र (UN)। 5) क्या हिटलर की मृत्यु के बाद जर्मनी ने आत्मसमर्पण किया था?:::हाँ, 1945 में जर्मनी ने आत्मसमर्पण कर दिया था।

हमारी पोस्ट को पढ़ने के लिए धन्यवाद !.....

हम आशा करते हैं आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी होगी। अगर आप हमारे साथ कुछ शेयर करना चाहते हैं या इस पोस्ट के सम्बन्ध में हमें बताना चाहते है तो कमेंट (Comment) करें या मेल (onlinegkwala@gmail.com) करें और कांटेक्ट फॉर्म (Contact Form) के जरिये भी बता सकते हैं।

इस पोस्ट से सम्बंधित अपना फीडबैक जरूर दें !!...

होम महत्वपूर्ण लिंक हमारे बारे में संपर्क करें हमारे लिए लेख लिखें लेखक के बारे में

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ