भारत पर विश्व बैंक का कर्ज है, लेकिन यह कर्ज मुख्य रूप से विकास और बुनियादी ढांचा (Infrastructure) परियोजनाओं के लिए लिया जाता है। विश्व बैंक से मिलने वाली वित्तीय सहायता ने भारत की सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत पर विश्व बैंक का कितना कर्ज है?
भारत विश्व बैंक (World Bank) से विकास परियोजनाओं के लिए ऋण और वित्तीय सहायता लेता रहा है। जिससे भारत अपने देश में विकास के लिये सड़क, रेलवे, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल आपूर्ति और ऊर्जा जैसी अन्य परियोजनाओं को पूरा कर सके। भारत विश्व बैंक का संस्थापक सदस्य भी है।
भारत पर विश्व बैंक का कर्ज लगातार बदलता रहता है, क्योंकि भारत पुराने ऋण (Loan) जो लिये होते हैं उन्हें चुकाता है और नई परियोजनाओं के लिए नए ऋण लेता है। भारत में विश्व बैंक के वर्तमान कार्यक्रम में लगभग 17.8 अरब डॉलर की सक्रिय ऋण प्रतिबद्धताएं (commitments) शामिल हैं।
भारत पर वास्तविक कर्ज कितना है?
भारत के बाहरी (External) बहुपक्षीय ऋण में विश्व बैंक (World Bank) की दो प्रमुख शाखाओं "IBRD" और "IDA" का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत सरकार की बाहरी ऋण रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 तक भारत का बहुपक्षीय ऋण दर्जनों अरब डॉलर के स्तर पर था, जिसमें IBRD और IDA का बड़ा योगदान था। IBRD का हिस्सा लगभग 30% और IDA का लगभग 21% था।
हालांकि भारत पर "कुल विश्व बैंक कर्ज" लगातार बदलता रहता है, इसलिए सही आंकड़े समय के साथ ऊपर-नीचे होते रहते हैं।
क्या भारत कर्ज चुकाता भी है?
हाँ, विश्व बैंक से लिया गया धन एक निर्धारित अवधि के भीतर ब्याज सहित वापस चुकाना पड़ता है। भारत नियमित रूप से अपने ऋण का भुगतान करता है।
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