प्रथम विश्व युद्ध (First World War) मानव इतिहास के सबसे बड़े और विनाशकारी युद्धों में से एक था। यह युद्ध 28 जुलाई 1914 से 11 नवंबर 1918 तक चला था। इसमें यूरोप, एशिया, अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों के कई देश शामिल थे।
प्रथम विश्व युद्ध कब और किसके बीच हुआ था?
प्रथम विश्व युद्ध (World War 1) 28 जुलाई 1914 में हुआ था जो 11 नवंबर 1918 तक चला था। यह युद्ध दो प्रमुख गठबंधनों - "मित्र राष्ट्र (Allied Powers)" और "केंद्रीय शक्तियों (Central Powers)" के बीच हुआ था। इसमें कई देश शामिल थे।
इस युद्ध ने दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था पूरी तरह बदल दी थी। इस विश्व युद्ध (World War) के कारण काफी नुकसान भी हुआ, लाखों लोगों ने जान भी गई और कई साम्राज्यों का अंत हो गया। इसके परिणाम स्वरुप आगे चलकर द्वितीय विश्व युद्ध (World War 2) की नींव भी रखी, इसलिए प्रथम विश्व युद्ध विश्व इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक माना जाता है।
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| कब से कब तक चला | 1914 – 1918 |
| कुल समय | लगभग 4 वर्ष |
| प्रमुख पक्ष | मित्र राष्ट्र और केंद्रीय शक्तियां |
| शुरुआत | 28 जुलाई 1914 |
| समाप्ति | 11 नवंबर 1918 |
| अनुमानित मौतें | 1.5 करोड़ से अधिक |
युद्ध की शुरुआत कैसे हुई?
28 जून 1914 को "ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार आर्कड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड" और उनकी पत्नी की सर्बिया के राष्ट्रवादी ने हत्या कर दी थी। इस हत्या के बाद ऑस्ट्रिया ने 28 जुलाई 1914 को सर्बिया खिलाफ युद्ध घोषित कर दिया। इस युद्ध में धीरे-धीरे कई देश शामिल हो गए और यह प्रथम विश्व युद्ध हो गया।
प्रथम विश्व युद्ध क्यों हुआ था और मुख्य कारण?
ऑस्ट्रिया-हंगरी के राजकुमार आर्कड्यूक फ्रांज फर्डिनेंड की हत्या के साथ - साथ इस प्रथम विश्व युद्ध के और भी मुख्य कारण थे, जैसे -
- राष्ट्रवाद (Nationalism) - यूरोप के देश अपने राष्ट्र को सबसे श्रेष्ठ मानना और अन्य देशों को कमजोर समझने में राष्ट्रवाद तेजी से बढ़ता गया, जिसके कारण देशों के बीच तनाव पैदा हो गया।
- साम्राज्यवाद (Imperialism) - यूरोपीय देश दुनिया भर में अपने उपनिवेश स्थापित और संसाधनों पर कब्जा करना चाहते थे। दुनिया भर में अपने उपनिवेश
- सैन्यवाद (Militarism) - जर्मनी, ब्रिटेन और अन्य देश अपनी सैन्य ताकत और हथियारों को लगातार बढ़ा रहे थे, जिससे आपसी अविश्वास और तनाव बढ़ता गया।
- गुप्त संधियाँ और राजनीतिक गठबंधन (Alliances) - यूरोपीय देश दो बड़े समूहों में बंट गए थे। एक 'केंद्रीय शक्तियां'और दूसरा 'मित्र राष्ट्र'। एक देश के युद्ध में आने पर दूसरे साथी देश अपने आप इस युद्ध में खिंचते चले गए।
प्रथम विश्व युद्ध में कितने देश शामिल थे?
प्रथम विश्व युद्ध (1914 - 1918) मुख्य रूप से दो प्रमुख गुटों - मित्र राष्ट्र (Allied Powers) और केंद्रीय शक्तियां (Central Powers) के बीच हुआ था। इसमें कुल मिलाकर 30 से अधिक देश शामिल थे।
मित्र राष्ट्र (Allied Powers)
- ब्रिटेन
- फ्रांस
- रूस
- अमेरिका
- इटली
- जापान
इनके अलावा सर्बिया, बेल्जियम, रोमानिया, ग्रीस और भारत (ब्रिटिश साम्राज्य के हिस्से के रूप में) जैसे अन्य देश शामिल थे।
केंद्रीय शक्तियां (Central Powers)
- जर्मनी
- ऑस्ट्रिया-हंगरी
- ओटोमन साम्राज्य (तुर्की)
- बुल्गारिया
प्रथम विश्व युद्ध की प्रमुख घटनाएं
मार्ने का युद्ध (1914) - फ्रांस और जर्मनी के बीच लड़ा गया महत्वपूर्ण युद्ध था।
वर्दुन का युद्ध (1916) - यह युद्ध लगभग 10 महीने तक चला और इसमें लाखों सैनिक मारे गए।
अमेरिका का युद्ध में प्रवेश (1917) - अमेरिका के प्रथम विश्व युद्ध में शामिल होने से मित्र राष्ट्रों को बड़ी ताकत मिली थी।
प्रथम विश्व युद्ध के परिणाम
1918 में जर्मनी और उसके सहयोगी देशों को हार का सामना करना पड़ा। वर्साय की संधि (1919) के तहत जर्मनी पर कई कठोर शर्तें लगाई गईं। ऑस्ट्रिया-हंगरी और ओटोमन साम्राज्य अलग हो गये जिससे कई नए देशों का निर्माण हुआ। विश्व शांति बनाए रखने के लिए राष्ट्र संघ (League of Nations) की स्थापना भी की गई।
प्रथम विश्व युद्ध में भारत भी शामिल था?
युद्ध जब शुरू हुआ था उस समय भारत ब्रिटिश शासन (British Raj) के अधीन था। ब्रिटिश सरकार ने लगभग 13 लाख भारतीय सैनिकों और श्रमिकों को ब्रिटेन की ओर से युद्ध में भेजा था। इसमें हजारों भारतीय सैनिकों ने अपनी जान गंवाई थी।
प्रथम विश्व युद्ध रोचक तथ्य
हमारी पोस्ट को पढ़ने के लिए धन्यवाद !.....
हम आशा करते हैं आपको हमारी पोस्ट अच्छी लगी होगी। अगर आप हमारे साथ कुछ शेयर करना चाहते हैं या इस पोस्ट के सम्बन्ध में हमें बताना चाहते है तो कमेंट (Comment) करें या मेल (onlinegkwala@gmail.com) करें और कांटेक्ट फॉर्म (Contact Form) के जरिये भी बता सकते हैं।
इस पोस्ट से सम्बंधित अपना फीडबैक जरूर दें !!...
0 टिप्पणियाँ
Have any questions or suggestions? Drop a comment below – we’ll reply as soon as possible!
Emojiआपका फीडबैक हमारे लिए अमूल्य है – इससे हमें और बेहतर कंटेंट देने की प्रेरणा मिलती है।