भारत के संविधान में 448 अनुच्छेद, 25 भाग, और 12 अनुसूचियाँ हैं। संविधान में नागरिकों के लिये कुछ विशेष अधिकार दिए गए हैं, जिन्हें मौलिक अधिकार (fundamental rights) कहा जाता है। संविधान के भाग 3 (अनुच्छेद 12 से 35) में मौलिक अधिकारों का उल्लेख किया गया है, जिसमें ये अधिकार नागरिकों की स्वतंत्रता, समानता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार , धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार , सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार, तथा संवैधानिक उपचारों और गरिमा के लिये है।
भारत में मौलिक अधिकारों के प्रकार
भारत के संविधान के मूल रूप में 7 मौलिक अधिकार थे, लेकिन 44 वें संविधान संशोधन 1978 द्वारा संपत्ति का अधिकार हटा दिया गया और अब यह अनुच्छेद 300A के तहत एक कानूनी अधिकार है। वर्तमान (2025) संविधान में 6 मौलिक अधिकार दिए गए हैं, जो इस इस प्रकार हैं जिनको विस्तार में भी बताया गया है।
- समानता का अधिकार (Right to Equality) – अनुच्छेद 14 से 18
- स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom) – अनुच्छेद 19 से 22
- शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right against Exploitation) – अनुच्छेद 23 और 24
- धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom of Religion) – अनुच्छेद 25 से 28
- सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार (Cultural and Educational Rights) – अनुच्छेद 29 और 30
- संवैधानिक उपचार का अधिकार (Right to Constitutional Remedies) – अनुच्छेद 32
मौलिक अधिकार विस्तार में
1. समानता का अधिकार (Right to Equality) – अनुच्छेद 14 से 18
- कानून के समक्ष समानता
- धर्म, वंश, जाति, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव वर्जित
- सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर
2. स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom) – अनुच्छेद 19 से 22
- विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
- शांतिपूर्ण सभा करने का अधिकार
- संगठन या संघ बनाने का अधिकार
- भारत में कहीं भी स्वतंत्र रूप से घूमने का अधिकार
- कहीं भी रहने का अधिकार
- कोई भी व्यवसाय करने का अधिकार
- जीवन और व्यक्तिगत अधिकार
- गिरफ्तारी एवं निरोध से सुरक्षा का अधिकार
3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (Right against Exploitation) – अनुच्छेद 23 और 24
- मानव तस्करी
- जबरन मजदूरी
- बंधुआ मजदूरी
- 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम कराने पर रोक
4. धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार (Right to Freedom of Religion) – अनुच्छेद 25 से 28
- अपने धर्म का पालन करने,
- प्रचार और प्रसार करने का अधिकार
- धार्मिक संस्थान स्थापित करने और संचालित करने की स्वतंत्रता
- राज्य किसी धर्म को बढ़ावा नहीं देगा (धर्मनिरपेक्षता)
5. सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार (Cultural and Educational Rights) – अनुच्छेद 29 और 30
- अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति को सुरक्षित रखने का अधिकार
- अल्पसंख्यकों को शैक्षिक संस्थान स्थापित
- शैक्षिक संस्थान संचालित करने का अधिकार
6. संवैधानिक उपचार का अधिकार (Right to Constitutional Remedies) – अनुच्छेद 32
- मौलिक अधिकारों को लागू करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में सीधे जाने का अधिकार
मौलिक अधिकारों की विशेषताएँ
- ये अधिकार समान रूप से सभी नागरिकों के लिये हैं।
- केवल न्यायालय द्वारा संरक्षित किए जा सकते हैं।
- इनमें सीमाएँ भी हैं, ताकि इनका दुरुपयोग न हो।
- राज्य द्वारा इन्हें छीना नहीं जा सकता, सिवाय आपातकालीन स्थिति में।
मौलिक अधिकार (Fundamental Rights) – (FAQs)
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