भारत की आज़ादी से पहले भारत में लगभग 565 रियासतों थीं, जिनको सन.1947 में भारत की आज़ादी के बाद भारतीय संघ में मिलाया गया। इन रियासतों को धीरे-धीरे राज्यों और प्रांतों में संगठित किया गया। इनका गठन अलग-अलग ऐतिहासिक, भाषाई, सांस्कृतिक और प्रशासनिक कारणों से किया गया। राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 के तहत भारतीय राज्यों के नक्शे को नई पहचान दी। इसके बाद समय-समय पर आंदोलनों, अधिनियमों और जनभावनाओं के आधार पर कई नए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्थापना भी होती रही।
भारत में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं। इन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का गठन (States and Union Territories Formation Date) अलग-अलग समय पर संविधान संशोधन, राज्य पुनर्गठन अधिनियम (States Reorganisation Act, 1956) के तहत हुआ है। कौन सा राज्य कब स्थापित हुआ और कैसे इसकी लिस्ट नीचे दी गई है:-
विषय सूची
राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की स्थापना तिथि, क्यों और अधिनियम
- बिहार
- ओडिशा
- असम
- पश्चिम बंगाल
- राजस्थान
- उत्तर प्रदेश
- तमिलनाडु
- आंध्र प्रदेश
- कर्नाटक (तत्कालीन मैसूर)
- केरल
- मध्य प्रदेश
- अंडमान व निकोबार (UT)
- लक्षद्वीप (UT)
- दिल्ली (UT → NCT)
- महाराष्ट्र
- गुजरात
- नागालैंड
- पुदुचेरी (UT)
- हरियाणा
- पंजाब
- चंडीगढ़ (UT)
- हिमाचल प्रदेश
- मणिपुर
- मेघालय
- त्रिपुरा
- सिक्किम
- मिजोरम
- अरुणाचल प्रदेश
- गोवा
- छत्तीसगढ़
- झारखंड
- उत्तराखंड
- तेलंगाना
- जम्मू और कश्मीर (UT)
- लद्दाख (UT)
- दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव (UT)
राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की स्थापना तिथि, क्यों और अधिनियम
राज्य और केंद्र शासित प्रदेश का गठन अलग-अलग तिथि और कारणों से हुआ है, विस्तार में बताया गया है। इसकी पूरी सूची साल के आधार पर नीचे दी गई है:
बिहार
क्यों: बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग करके नया प्रांत।
अधिनियम: ब्रिटिश सरकार की अधिसूचना।
ओडिशा
क्यों: ओड़िया भाषी क्षेत्रों का एकीकरण।
अधिनियम: ब्रिटिश भारत सरकार की अधिसूचना।
असम
क्यों: ब्रिटिश भारत का प्रांत, स्वतंत्रता के बाद राज्य।
अधिनियम: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947।
पश्चिम बंगाल
क्यों: भारत–पाक विभाजन के बाद राज्य।
अधिनियम: भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम के तहत।
राजस्थान
क्यों: रियासतों का क्रमिक एकीकरण।
अधिनियम: एकीकरण समझौते + राज्यों का पुनर्गठन अधिनियम, 1956।
उत्तर प्रदेश
क्यों: यूनाइटेड प्रोविन्स का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश।
अधिनियम: भारतीय संविधान/नाम परिवर्तन प्रावधान।
तमिलनाडु
क्यों: भाषाई/ऐतिहासिक इकाई; बाद में नाम ‘तमिलनाडु’।
अधिनियम: राज्यों का पुनर्गठन + नाम‑परिवर्तन अधिनियम।
आंध्र प्रदेश
क्यों: तेलुगु भाषी क्षेत्रों के आधार पर मद्रास से अलग।
अधिनियम: आंध्र राज्य अधिनियम, 1953।
कर्नाटक (तत्कालीन मैसूर)
क्यों: भाषाई पुनर्गठन; 1973 में नाम ‘कर्नाटक’
अधिनियम: राज्यों का पुनर्गठन अधिनियम, 1956।
केरल
क्यों: मलयालम भाषी क्षेत्रों का एकीकरण।
अधिनियम: राज्यों का पुनर्गठन अधिनियम, 1956।
मध्य प्रदेश
क्यों: विभिन्न रियासतों/क्षेत्रों का पुनर्गठन।
अधिनियम: राज्यों का पुनर्गठन अधिनियम, 1956।
अंडमान व निकोबार (UT)
क्यों: दूरस्थ द्वीपीय क्षेत्र का केंद्रीकृत प्रशासन।
अधिनियम: राज्यों का पुनर्गठन अधिनियम, 1956।
लक्षद्वीप (UT)
क्यों: द्वीपीय क्षेत्र का केंद्रीकृत प्रशासन।
अधिनियम: राज्यों का पुनर्गठन अधिनियम, 1956।
दिल्ली (UT → NCT)
क्यों: राष्ट्रीय राजधानी हेतु विशेष व्यवस्था।
अधिनियम: 69वां संविधान संशोधन, 1991।
महाराष्ट्र
क्यों: भाषाई आधार पर बॉम्बे राज्य का विभाजन।
अधिनियम: बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960।
गुजरात
क्यों: भाषाई आधार पर बॉम्बे राज्य का विभाजन।
अधिनियम: बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम, 1960।
नागालैंड
क्यों: विशिष्ट जनजातीय क्षेत्र हेतु अलग राज्य।
अधिनियम: नागालैंड राज्य अधिनियम, 1962।
पुदुचेरी (UT)
क्यों: पूर्व फ्रांसीसी उपनिवेशों का एकीकरण।
अधिनियम: दे ज्यूरे हस्तांतरण (1962) के उपरांत UT; संसद/केंद्र।
हरियाणा
क्यों: भाषाई/प्रशासनिक आधार पर पंजाब से अलग।
अधिनियम: पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966।
पंजाब
क्यों: पुनर्गठन के बाद नया स्वरूप।
अधिनियम: पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966।
चंडीगढ़ (UT)
क्यों: पंजाब/हरियाणा की साझा राजधानी।
अधिनियम: पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966।
हिमाचल प्रदेश
क्यों: UT से राज्य का दर्जा।
अधिनियम: हिमाचल प्रदेश राज्य अधिनियम, 1970।
मणिपुर
क्यों: UT से राज्य।
अधिनियम: पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971।
मेघालय
क्यों: असम से अलग राज्य।
अधिनियम: पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971।
त्रिपुरा
क्यों: UT से राज्य।
अधिनियम: पूर्वोत्तर क्षेत्र (पुनर्गठन) अधिनियम, 1971।
सिक्किम
क्यों: जनमत-संग्रह के बाद भारत में विलय।
अधिनियम: भारतीय संविधान (36वां संशोधन) 1975।
मिजोरम
क्यों: UT से राज्य।
अधिनियम: मिजोरम राज्य अधिनियम, 1986।
अरुणाचल प्रदेश
क्यों: NEFA/UT से राज्य।
अधिनियम: अरुणाचल प्रदेश राज्य अधिनियम, 1986।
गोवा
क्यों: UT से राज्य।
अधिनियम: गोवा राज्य अधिनियम, 1987।
छत्तीसगढ़
क्यों: प्रशासनिक सुविधा/आंचलिक मांगें; म.प्र. से अलग।
अधिनियम: मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000।
झारखंड
क्यों: आदिवासी/आंचलिक मांगें; बिहार से अलग।
अधिनियम: बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000।
उत्तराखंड
क्यों: पर्वतीय क्षेत्र की प्रशासनिक आवश्यकता; यूपी से अलग।
अधिनियम: उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000।
तेलंगाना
क्यों: आंध्र प्रदेश से अलग; क्षेत्रीय आंदोलन।
अधिनियम: आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014।
जम्मू और कश्मीर (UT)
क्यों: पूर्व राज्य का पुनर्गठन; सीधा केंद्र शासन।
अधिनियम: जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019।
लद्दाख (UT)
क्यों: जे&के से अलग UT।
अधिनियम: जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019।
दादरा और नगर हवेली व दमन और दीव (UT)
क्यों: दो UT का विलय कर एक इकाई।
अधिनियम: विलय अधिनियम, 2019।
FAQs
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