ब्रिटिश सरकार ने भारत पर कब्जा कर "ब्रिटिश प्रांत" बना लिए थे। भारत की आजादी (सन. 1947) से पहले न केवल ब्रिटिश शासन द्वारा बनाये गये "ब्रिटिश प्रांत" थे, बल्कि बहुत सारी रियासतें (Princely States / Native States) भी थीं। रियासतें धन, आकार, और स्थिति के मामले में बहुत अलग-अलग थीं।
भारत में कितनी रियासत और किसके अधीन थीं?
आजादी के समय भारत में लगभग 562 से 565 रियासतें थीं। जो भारत के 40% से अधिक क्षेत्र और लगभग 23% आबादी को कवर करती थीं। ये सभी रियासतें सीधे ब्रिटिश सरकार के शासन का हिस्सा नहीं थीं, इन सभी रियासतों पर राजाओं या नवाबों का शासन होता था। रियासतों के शासकों ने सहायक संधि या अन्य समझौतों के तहत ये सभी रियासतें ब्रिटिश शासन के अधीन हुआ करती थीं। इन रियासतों के ऊपर विदेशी मामलों, रक्षा, शासन, कानून और संचार का अधिकार ब्रिटिश सरकार के पास था, लेकिन रियासतों पर प्रशासन यहाँ के शासक किया करते थे। इनमें से कुछ बहुत बड़ी रियासतें थीं, जैसे - हैदराबाद, जम्मू - कश्मीर, मैसूर, त्रावणकोर, ग्वालियर, भोपाल और जूनागढ़, तो कुछ बहुत छोटी रियासतें भी थीं।
रियासतों का एकीकरण कब और कैसे हुआ?
भारत के विभाजन और आजादी के समय इन 565 रियासतों पर राजाओं और नवाबों का शासन होता था, जो ब्रिटिश सरकार के अधीन होती थीं। जब हमारा देश 15 अगस्त सन. 1947 में अंग्रेजों से आजाद हुआ तब भारत की सरकार ने इन सभी रियासतों को भारतीय संघ में विलय करा लिया, जिससे इन रियासतों में राजाओं और नवाबों का शासन काल समाप्त हो गया। इन रियासतों को भारतीय संघ में मिलाना एक बहुत बड़ी चुनौती थी, क्योंकि इनमें से कई रियासतें भारत के साथ विलय हो चुकी थीं लेकिन कई रियासतों के शासक अपनी स्वतंत्रता बनाए रखना चाहते थे। सरदार वल्लभ भाई पटेल और वी.पी. मेनन ने इन रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत करने का प्रयास किया।
भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृहमंत्री रहे सरदार वल्लभ भाई पटेल ने इन सभी रियासतों के राजाओं और नवाबों कूटनीति से उन्हें मनाया जिससे भारत को एक करके मजबूत राष्ट्र के रूप में मदद मिले, रियासतों ने तुरंत विलय कर लिया। आजादी के बाद 565 रियासतें जिनकी अपनी क्षेत्रीय महत्वकांक्षाएँ थीं कि वे भारत में या पाकिस्तान में शामिल हों, जिसमें से 552 रियासतें भारत में शामिल हो गईं, और बाकि 13 रियासतें पाकिस्तान में शामिल हो गईं थीं। रियासतों के शासकों ने भारतीय संघ में शामिल होने के लिए विलय पत्र हस्ताक्षर किये। इन रियासतों का एकीकरण होने के बाद भारत में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की स्थापना हुई।
पाकिस्तान की रियासतों की लिस्ट
- चित्राल
- हुंजा
- नगर
- कलात की खानते
- लास बेला
- खारान
- मकरान
- अंबर या अंब
- डिर
- फुलरा
- स्वात्
- अमरकोट
- बहावलपुर
विलय पत्र क्या है?
विलय पत्र = एक ऐसा कानूनी/औपचारिक समझौता दस्तावेज है जिसके जरिये कोई भी रियासत भारत या पाकिस्तान में शांतिपूर्ण किसी भी राष्ट्र या संगठन में शामिल हो सके।
भारत में कितनी रियासत (FAQs)
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