भारत का संविधान देश का सर्वोच्च कानून है भारतीय संविधान सभा द्वारा तैयार किया गया था, जो कर्तव्यों, लोकतांत्रिक गणराज्य, शासन व्यवस्था और नागरिकों के मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) को निर्धारित करता है। भारत का संविधान 26 जनवरी 1950 से लागू हुआ और इसी दिन भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया। भारत का संविधान विश्व में सबसे लम्बा लिखित संविधान है।
हम अपनी इस पोस्ट में पहले संविधान सभा के बारे और उसके बाद संविधान व इसके इतिहास के बारे विस्तार से जानेंगे।
भारतीय संविधान सभा क्या है?
भारतीय संविधान सभा (Constituent Assembly of India) वो संस्था थी जो कैबिनेट मिशन योजना के तहत 6 दिसम्बर सन.1946 में गठित की गई थी। जिसे भारतीय संविधान बनाने के लिए गठित किया गया था। भारत को जब 1947 में आजादी मिलना सुनिश्चित हो गया तो उससे पूर्व ही 1946 में भारत के नए संविधान के निर्माण के लिए एक समिति का गठन हुआ, जो "संविधान सभा" कहलाई। यह सभा भारत के स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक उपलब्धि थी, जिसने देश को एक लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने की नींव रखी।
भारत का संविधान क्या है?
भारत का संविधान भारत का सर्वोच्च विधान / कानूनी दस्तावेज है, जिसे डॉ. भीमराव आम्बेडकर के नेतृत्व और मार्गदर्शन में बनाया गया था, जो एक लिखित दस्तावेज है। यह संविधान (Indian Constitution) विश्व के सभी गणतान्त्रिक देशों में सबसे लम्बा लिखित संविधान (samvidhan) है। 26 नवम्बर का दिन भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया, जबकि संविधान दिवस 26 जनवरी के दिन गणतन्त्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।
भारत के संविधान का इतिहास
भारतीय संविधान का निर्माण करने वाली संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन द्वारा सन.1946 को किया गया था। द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति के बाद जुलाई सन.1945 में ब्रिटिश सरकार ने भारत के भविष्य के लिए एक योजना बनाने और सत्ता के शांतिपूर्ण हस्तांतरण पर चर्चा करने के लिए कैबिनेट मिशन के तहत तीन सदस्यीय उच्च-स्तरीय शिष्टमंडल भारत भेजने की घोषणा की जिनका उद्देश्य भारत को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया पर चर्चा करना ताकि भारत की स्वतंत्रता के लिए एक रूपरेखा तैयार की जा सके, लेकिन कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच राजनीतिक मतभेदों और संविधान सभा और एक संयुक्त भारत बनाने की योजना पर कोई सहमति नहीं बन पाई इसके कारण यह योजना विफल हो गई, जिसके चलते कैबिनेट मिशन 29 जून सन.1946 को भारत से वापस चला गया।
15 अगस्त सन.1947 को भारत के आजाद होने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और 9 दिसंबर 1947 को भारत की संविधान सभा का पुनर्गठन होने के बाद अपना कार्य आरम्भ किया। संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे। संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमेटी में कुल 7 सदस्य थे, डॉ. भीमराव अंबेडकर को कमेटी के अध्यक्ष के रूप में चुना गया।
इस संविधान का मूल आधार भारत सरकार अधिनियम 1935 है। इस संविधान में भारतीय दंड संहिता (IPC) में 511 धाराएं हैं, जिन्हें 23 अध्यायों में विभाजित किया गया है। संविधान के मूल रूप से (निर्माण के समय) इसमें 395 अनुच्छेद, 22 भाग, और 8 अनुसूचियाँ थीं, जो वर्तमान समय (2025) में 448 अनुच्छेद, 25 भाग, और 12 अनुसूचियाँ हैं, जिनमें समय-समय पर संशोधन किये गये।
भारत के संविधान का मसौदा किसने तैयार किया?
भारत के संविधान का मसौदा संविधान सभा द्वारा तैयार किया गया था। इस संविधान में लगभग 250 अनुच्छेद भारत शासन अधिनियम 1935 से लिये गए हैं। संविधान में देश की शासन प्रणाली, नागरिकों के अधिकारों, सरकार की संरचना और कर्तव्यों को निर्धारित किया गया है, जिसकी संरचना संघीय और इसमें संसदीय प्रणाली है। भारत के विभाजन से पहले संविधान को बनाने के लिए जुलाई सन.1946 तक 389 सदस्य चुने गए थे, लेकिन भारत और पाकिस्तान के विभाजन के बाद चुने गये उन 389 सदस्यों में से 299 सदस्य भारतीय क्षेत्र के भारत में रह गए और बाकि सदस्य पाकिस्तान में शामिल होने वाले क्षेत्रों कारण भारत की संविधान सभा से अलग हो गए। जिसमें 229 चुने हुए थे, वहीं 70 मनोनीत थे। इन सदस्यों में कुल 15 महिलायें, 26 अनुसचित जाति के सदस्य और अनुसूचित जनजाति के 33 सदस्य थे। बंटवारे के बाद 3 महिलायें पाकिस्तान में चली गई, जिसके कारण संविधान सभा में 12 महिलायें शेष रह गईं, जिनमें सरोजिनी नायडू (भारत कोकिला) एक प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और कवयित्री थीं। 26 जनवरी 1950 तक भारत के संविधान पर 284 लोगों ने हस्ताक्षर किये थे।
भारत का संविधान प्रेम बिहारी नारायण रायजादा के द्वारा लिखा गया था, यह हिंदी और अंग्रेजी दोनों में है। इस संविधान को बनाने में 2 साल, 11 महीने, 18 दिन का समय लगा था। यह संविधान 26 नवम्बर 1949 में बनकर तैयार हुआ था और 26 जनवरी 1950 में इसे भारतीय संविधान सभा द्वारा लागू किया गया था।
संक्षेप में
| विषय | जानकारी |
|---|---|
| कुल सदस्य | 389 सदस्य |
| विभाजन के बाद सदस्य | 299 सदस्य |
| हस्ताक्षर करने वाले | 284 सदस्य |
| कारण (हस्ताक्षर न करने वाले) | अनुपस्थिति, निधन और इस्तीफ़ा |
| हस्ताक्षर की आखिरी तिथि | 24 जनवरी 1950 |
| संविधान लागू होने की तिथि | 26 जनवरी 1950 |
महत्वपूर्ण अनुच्छेद
- अनुच्छेद 14–18 :- समानता का अधिकार
- अनुच्छेद 19–22 :- स्वतंत्रता का अधिकार
- अनुच्छेद 23–24 :- शोषण के विरुद्ध अधिकार
- अनुच्छेद 25–28 :- धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
- अनुच्छेद 29–30 :- सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार
- अनुच्छेद 32 :- संवैधानिक उपचार का अधिकार (Dr. Ambedkar ने इसे "संविधान की आत्मा" कहा)
संविधान संशोधन (Amendment)
- अब तक (2025 तक) 106 से अधिक संशोधन हो चुके हैं।
- पहला संशोधन 1951 में हुआ था।
भारतीय संविधान (FAQs)
संविधान के भाग, अनुच्छेद और अनुसूचियों की लिस्ट
वर्तमान समय (2025) में 25 भाग, 448 अनुच्छेद और 12 अनुसूचियाँ हैं, जिसकी पूरी लिस्ट नीचे दिये गये लिंक्स पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।
भागों की लिस्ट
यदि आप भारतीय संविधान के सभी भागों की लिस्ट (25 Parts of Indian Constitution in Hindi) पढ़ना चाहते हैं, तो दिए गये लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं। भारतीय संविधान के 25 भागों की पूरी लिस्ट
अनुच्छेद लिस्ट
यदि आप भारतीय संविधान के सभी अनुच्छेद की लिस्ट (448 Articles of Indian Constitution in Hindi) पढ़ना चाहते हैं, तो दिए गये लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं। भारतीय संविधान के 448 अनुच्छेद (Article) की पूरी लिस्ट
अनुसूचियों की लिस्ट
यदि आप भारतीय संविधान की सभी अनुसूचियां की लिस्ट (12 Schedules of Indian Constitution in Hindi) पढ़ना चाहते हैं, तो दिए गये लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं। भारतीय संविधान के 12 अनुसूचियों की पूरी लिस्ट
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